Thursday, October 19, 2023
एक शब्द में उत्तर दे-
सही गलत में उत्तर दो-
रिक्त स्थान की पूर्ति करो
Notes Written By - Neha Gangwal.
Fill in the blanks -
True/False
Short answer type question-
Notes Written By - Nidhi Jain.
Tuesday, October 17, 2023
सही गलत -
सही विकल्प चुनें -
एक शब्द मै उत्तर दो -
Notes Written By - Reena Doshi.
Saturday, October 14, 2023
खाली स्थान भरो -
हाँ या नहीं मे उत्तर दो -
एक शब्द मे उत्तर दो -
बहुविकल्पीय प्रश्न -
टिप्पणी लिखो -
Notes Written By Pratima Jain.
Notes Written By Rinku Doshi.
Wednesday, March 28, 2018
गोम्मटसार शिक्षण-शिविर IV
गोम्मटसार जीवकाण्ड जैसे दुर्लभ ग्रन्थ का आद्योपांत स्वाध्याय का स्वर्णिम अवसर
गोम्मटसार जीवकांड शिक्षण-शिविर (चतुर्थ)
19 मई से 27 मई 2018
मोदीजी की नसिया, इन्दौर
आचार्य नेमीचन्द्र के सान्निध्य में श्रवणबेलागोला में राजा चामुण्डराय के द्वारा 57 फीट उत्तुंग भगवान् बाहुबली की स्थापना स्थापना की गई थी | उन्हीं आचार्य नेमीचन्द्र के द्वारा राजा चामुण्डराय के प्रश्न पर विशाल गोम्मटसार ग्रन्थ की रचना की गयी थी | हम सब श्रवणबेलागोला तीर्थ से परिचित हैं, परन्तु गोम्मटसार से अब भी अपरिचित हैं | आइये, श्रवणबेलागोला के बाद अब हम उन्हीं आचार्य-शिष्य के द्वारा रचित-व्याख्यायित गोम्मटसार को भी जानें |
पिछले दिनों 9 दिवसीय मस्तकाभिषेक के द्वारा श्रद्धालुओं ने 57 फीट उत्तुंग भगवान बाहुबली का अभिषेक किया, अब इस 9 दिवसीय ज्ञान-महाभिषेक के द्वारा हम 57 घंटों तक श्री गोम्मटसार ग्रन्थ का अभिषेक करें | यह गोम्मटसार जीवकांड का अंतिम शिविर है | इसमें शेष रहा पूरा विषय लिया जाएगा | यह अंतिम अवसर है, चूकें नहीं |
शिविर की विशेषता :
Ø इसमें 9 दिनों तक प्रतिदिन सुबह, दोपहर और रात्रि को 2-2 घंटे, इस तरह प्रतिदिन 6 घंटे जीवकांडजी का अध्ययन कराया जाएगा |
Ø अन्य शिविरों की भांति इस शिविर में विभिन्न ग्रन्थ नहीं लेकर पूरे शिविर में एक ही ग्रन्थ का अध्ययन कराया जाएगा – यह इस शिविर की सबसे ख़ास बात है |
Ø नवीनतम साधनों जैसे प्रोजेक्टर, टेबल्स आदि के द्वारा अध्ययन कराया जाएगा |
Ø Software Engineer, विदेशों में सेवायें दे चुके युवा विद्वानों के द्वारा अत्यंत सरल और सुन्दर विधि से पढ़ाया जाएगा |
Ø आकर्षक नवीनतम स्टडी मटेरियल
Ø शिविर के बाद भी प्रश्न-पत्रों के माध्यम से ग्रन्थ का अभ्यास चालु रहता है |
इस शिविर के विषय
संयम, दर्शन, लेश्या, भव्य, सम्यक्त्व, संज्ञी, आहार, मार्गणा एवं उपयोग प्ररूपणा
पूर्व 3 शिविरों में गुणस्थान से लेकर ज्ञान मार्गणा तक अध्ययन कराया गया था | अब इस शिविर में आगे के अधिकारों का अधययन कराया जायेगा | जिन लोगों ने पूर्व शिविरों में भाग नहीं लिया था, वे भी इस शिविर में शामिल हो सकते हैं | इस शिविर के विषय पहले से भी सरल होंगे | देखें क्यों आना चाहिए इस शिविर में : https://www.youtube.com/watch?v=kWxPwZts1e8
हर शिविर में 400 से भी अधिक साधर्मीयों ने भाग लिया था एवं विषय को बहुत अच्छे ढंग से सिखा था | आप भी पिछले शिविर के विडियो इस साईट पर देख सकते हैं – www.jainkosh.org
शिविर में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है | रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 10 अप्रैल है | रजिस्ट्रेशन करने हेतु आप ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं : https://goo.gl/szV9LP अथवा श्रीमती प्रियंका गोधा, 94794-45253 से संपर्क करें ।
इन्दौर के बाहर से आने वाले शिविरार्थियों हेतु आवास एवं शुद्ध भोजन की नि:शुल्क व्यवस्था रहेगी | आप इस ज्ञान-यज्ञ में अवश्य आयें और अन्य साधर्मियों को भी जानकारी देवें |
- विकास जैन (छाबड़ा)